पिटारा हुआ गिरगिटिया- अब गिरगिट के लिंक टूलबार पर
March 15, 2008 — जगदीश भाटियाचिट्ठाजगत की नयी सेवा गिरगिट के बारे में तो सभी चिट्ठाकार जान चुके होंगे। यदि नहीं जानते तो अपको बता दें कि यह सेवा आपको किसी भी युनिकोड साइट की लिपि बदल कर पढ़ने की सुविधा देती है।
आप अपने चिट्ठे पर इसके विजेट लगा कर दूसरी लिपियों के पाठकों को अपना चिट्ठा उनकी लिपि में ही पढ़ने की सुविधा दे सकते हैं। इसके बारे में रवि जी ने यहां लिखा है।
अब हमने पिटारा टूलबार में इसके लिंक लगाये हैं। आप किसी भी चिट्ठे या साइट की लिपि बदल कर पढ़ना चाहते हैं तो टूल मिनू में ’लिपि बदल कर पढ़े’ पर जायें और अपनी पसंद की लिपि चुन लें।


