एक शानदार उपहार है ’गर्भनाल’ पत्रिका
October 31, 2007 — जगदीश भाटिया’गर्भनाल’ अप्रवासी भारतीयों की ई पत्रिका है जो कि हर महीने पीडीएफ के रूप में मुफ्त वितरित की जाती है। श्री आत्माराम शर्मा जी के संपादन में छप रही यह शानदार पत्रिका कई हिंदी प्रिंट पत्रिकाओं से भी बेहतर और खूबसूरत है। मुझे यह पत्रिका बहुत पसंद है और प्रति माह जब यह पत्रिका मुझे मिलती है तो मैं इसे अपने कई मित्रों को भी भेजता हूं।
मुझे पूरा यकीन है कि मनोरंजन, साहित्य और जानकारी से भरपूर यह पत्रिका आप सब को भी बहुत पसंद आयेगी।
हिंदी टूलबार पिटारा के प्रयोगकर्ताओं के लिये अब यह पत्रिका हर महीने टूलबार में ही उपलब्ध रहेगी। आज प्रस्तुत है इस पत्रिका का नवंबर 2007 अंक। गर्भनाल पत्रिका से सभी अंक अब टूलबार में जोड़ दिये गये हैं। गर्भनाल पत्रिका के सभी अंक आप यहां भी पढ़ सकते हैं।![]()
गर्भनाल पत्रिका से सभी अंक अब टूलबार में जोड़ दिये गये हैं। गर्भनाल पत्रिका के सभी अंक आप यहां भी पढ़ सकते हैं।



November 1, 2007 at 12:25 am
बहुत बड़िया हम भी पढ़ेगे
November 1, 2007 at 2:46 pm
garbhanal it is good on line magezine
November 3, 2007 at 6:33 pm
[...] करायी जाती है। आप इस पत्रिका को हिंदी टूलबार पिटारा में पढ़ सकते है। पत्रिका की अभी अपनी कोई साईट [...]
November 3, 2007 at 6:55 pm
अच्छी पत्रिका है. पुराने अंक कैसे मिलेंगे.
November 3, 2007 at 7:04 pm
काकेश जी,
पुराने अंक आप टूलबार में ही पढ़ सकते हैं। फिलहाल तीन अंक (अंक 10, 11 और 12) अपलोड किये गये हैं बाकी भी जल्द कर दिये जायेंगे।
November 3, 2007 at 8:10 pm
वाह, अभी इसको डाउनलोड किया है, रात को पढ़ूँगा। कृपया बाकी अंक भी उपलब्ध करवाईये(या मेरे जीमेल वाले पते पर भेज दीजिए) ताकि जो लोग पिटारा टूलबार प्रयोग नहीं करते वे भी आनंद उठा सकें।
November 5, 2007 at 2:11 pm
गर्भनाल पत्रिका से सभी अंक अब टूलबार में जोड़ दिये गये हैं। आप इन्हें यहां भी पढ़ सकते हैं।
March 15, 2008 at 6:03 pm
This is a good ptrika
April 3, 2008 at 10:42 am
sahitya ki duniya me yah ek sarahneey prayas hai.