हिंदी टूलबार में हमने कुछ चुने हुए चिट्ठों के लिंक जोड़े हुए थे। यह संभव भी नहीं था कि सारे हिंदी चिट्ठों के लिंक इस टूलबार में जोड़े जायें और फिर नित नये बनते हिंदी चिट्ठों का हिसाब किताब रखना और उन्हें जोड़ते जाना वाकई टेढ़ी खीर होता। इसका हल सुझाया चिट्ठाजगत ने। उन्होंने चिट्ठाजगत पर शामिल चिट्ठों की सूची को टूलबार में जोड़ने का हमारा अनुरोध स्वीकार कर लिया और हम आ गये सभी चिट्ठों के लिंक इस टूलबार में ले कर। इसमें आप अपने चिट्ठे तो देख ही सकेंगे दूसरे चिट्ठे जो आप पढ़ना चाहते हैं उनके URL पते न तो आपको याद रखने की आवश्यक्ता होगी और न ही बार बार उन्हें टाइप करने का झंझट। बस चिट्ठों की सूची पर जायें और मनचाहे चिट्ठे पर क्लिक करें और पहुंच जायें।
अब बात मनोंरंजन की।
इस टूलबार पर हमने एक मनोरंजन का एक ड्रापडाउन मीनू बनाया है। इसमें हमने आपके मनोंरंजन का भरपूर इंतजाम किया है।
सबसे पहले इसमें जो विजेट लगा है वह है डिज्लर का । डिज्लर में आप अपने पसंद का संगीत, वीडियो, रेडियो तथा गेम्स सर्च कर सकते हैं, उन्हें बजा सकते हैं और चाहें तो उन्हें बुकमार्क भी कर सकते हैं। पहली बार जब मैंने इसे परखा तो घंटों कैसे बीत गये पता ही नहीं चला। बहुत ही मजेदार विजेट है यह आपको जरूर पसंद आयेगा।

इसके बाद आती है वीडियो की दीवार। इसे खोलते ही आपकी स्क्रीन पर इंटेरनेट पर हिंदी के वीडियो क्लिप एक दीवार के रूप में आपके सामने आ जाते हैं, उसमें से चाहे कोइ वीडियो क्लिप चुनिये और चलाइये।

इसके बाद जुड़े हैं बहुत से भारतीय टीवी चैनल। क्लिक कीजिये और लाइव मजे लीजिये।
आखिर में एक विजेट है अंतर्राष्ट्रीय टीवी चैनलों का। इसमें आपको सैंकड़ों विदेशी टीवी चैनल देखने को मिलेंगे।
मनोंरंजन के मीनू में जल्द ही और भी बहुत कुछ जुड़ेगा बस थोड़ा इंतजार कीजिये।
चलते चलते आपको एक बात बता दें कि आपका यह टूलबार तेजी से लोकप्रिय हो रहा है इसके डाउनलोड दिनों दिन तेज गति से बढ़ते जा रहे हैं।
अंत में पाठकों और टूलबार के प्रयोगकार्तांओं से एक अनुरोध, चुप न बैंठें, हमारे प्रयासों पर अपनी राय बतायें। आपको इस टूलबार मे क्या पसंद है और क्या नापसंद यह भी बतायें। आप अपने सुझाव भी दें कि आप इस टूलबार में और क्या क्या देखना चाहते हैं।



सितम्बर 21, 2007 को 8:40 अपराह्न पर
कमाल है । इत्ती सारी चीज़ें एक साथ । ये तो जादू का पिटारा है ।
सितम्बर 21, 2007 को 10:03 अपराह्न पर
बहुत बढ़िया कार्य कर रहे हैं, जगदीश भाई.
सितम्बर 21, 2007 को 11:26 अपराह्न पर
बहुत अच्छी जानकारी दी जगदीश जी, धन्यवाद.
सितम्बर 22, 2007 को 10:39 पूर्वाह्न पर
बहुत अच्छा प्रयास है मैं इसकी दिल से प्रशंसा करता हूं आशा हे आप इसी प्रकार कार्य करते रहेंगें । साधुवाद
सितम्बर 22, 2007 को 4:16 अपराह्न पर
हिन्दी टूलबार नित नई ऊंचाइयाँ छू रहा है, आप इस प्रयास के लिए वाकई बधाई के हकदार हैं।
सितम्बर 28, 2007 को 9:13 अपराह्न पर
[...] September 28th, 2007 — जगदीश भाटिया यूनुस भाई ने हिंदी टूलबार के बारे में …: कमाल है । इत्ती सारी चीज़ें एक साथ । [...]
सितम्बर 29, 2007 को 6:06 अपराह्न पर
[...] भाई ने हिंदी टूलबार के बारे में लिखा: कमाल है । इत्ती सारी चीज़ें एक साथ । [...]
मई 17, 2009 को 1:17 अपराह्न पर
[...] आपके चिट्ठों के लिंक और ढेर सा मनोरंजन… [...]
मार्च 28, 2010 को 3:43 अपराह्न पर
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