’धड़ाधड़ महाराज’ तक पहुंचें धड़ाधड़
September 8, 2007 — जगदीश भाटियाचिट्ठाजगत के धड़ाधड़ महाराज हमें कई तरह की सुविधायें देते हैं। चिट्ठाजगत हमें कई प्रारूपों में तो मिलता ही है, यहां हम अपनी व्यक्तिगत रुचि के अनुसार भी अपना वैयक्तिक पृष्ठ बना सकते हैं। और भी कई प्रकार की सुविधायें हैं चिट्ठाजगत पर| उम्मीद है कि आगे चल कर धड़ाधड़ महाराज हमें और भी ज्यादा सुविधायें प्रदान करेंगे।

चिट्ठाजगत पर हमें ‘हाल में छपे चिट्ठे’, ‘पारम्परिक प्रारूप’, ‘लघु प्रारूप’, ‘वैयक्तिक पृष्ट’ और ‘मेरे चिट्ठे’ के प्रारूपों के विकल्प मिलते हैं। हमने यह सारे प्रारूपों के लिंक एक साथ हिंदी टूलबार में रख दिये हैं जिससे आप अपनी रुचि के अनुसार जिस प्रारूप पर भी जाना चाहें सीधे उसी प्रारूप पर जा सकते है।
धड़ाधड़ महाराज तक धड़ाधड़ कैसे पहुंचें:
यह है चिट्ठाकारों के लिये बहुत काम की बात। हमने हिंदी टूलबार पर एक बटन लगाया है ’सारे अधिकृत चिट्ठे अभी चिट्ठाजगत पर खींचे’ । आप जब भी अपने चिट्ठे पर कोई पोस्ट करते हैं तो बस इस बटन पर क्लिक कर दें। एक छोटी सी खिड़की खुलेगी। आपको लॉग इन करना होगा और आपके सभी अधिकृत चिट्ठों की नयी पोस्ट उसी समय चिट्ठाजगत पर नजर आने लगेगी। यदि आप पहले से चिट्ठाजगत पर लॉग इन किये हुए हैं तो आपको फिर से लॉग इन करने की जरूरत नहीं होगी, सिर्फ क्लिक कर देना ही काफी होगा। मजे की बात यह है कि इस प्रक्रिया के लिये कोई जरूरी नहीं है कि आप अपने चिट्ठे पर हों या चिट्ठाजगत पर हों, आप अपने ब्राउजर पर किसी भी पेज से यह कर सकते हैं।

इसके अलावा चिट्ठों की फीड में अब नारद के साथ साथ चिट्ठाजगत की ताजा फीड भी आपको टूलबार में लगातार मिलेगी। चिट्ठाजगत की फीड में चिट्ठे का नाम भी पोस्ट के शीर्षक के साथ नजर आता है।

आपको हिंदी टूलबार और चिट्ठाजगत का यह संयुक्त प्रयास कैसा लगा हमें जरूर बतायें|
हिंदी टूलबार यहां से डाउनलोड करें।
चिट्ठाजगत पर चिट्ठा अधिकृत करने की प्रक्रिया जानने के लिये यहां क्लिक करें।




September 8, 2007 at 7:11 pm
आपका कार्य सराहनीय.
September 8, 2007 at 8:44 pm
टूलबार की उपयोगिता और बढ गई है — शास्त्री जे सी फिलिप
मेरा स्वप्न: सन 2010 तक 50,000 हिन्दी चिट्ठाकार एवं,
2020 में 50 लाख, एवं 2025 मे एक करोड हिन्दी चिट्ठाकार!!
September 8, 2007 at 10:34 pm
[...] चिट्ठाजगत पर चिट्ठा अधिकृत करने की प्रक्रिया जानने के लिये यहां क्लिक करें। [प्रस्तोता: हिन्दी टूलबार] [...]
September 10, 2007 at 12:24 pm
Acchi janakari hai. Main apni web mein radio lana chahta hun.
September 10, 2007 at 12:58 pm
आप इस टूलबार को डाउनलोड कीजिये आपको अपने ब्राउजर में रेडियो मिल जायेगा।
October 30, 2007 at 4:35 pm
[...] ’धड़ाधड़ महाराज’ तक पहुंचें धड़ाधड़ [...]
December 16, 2007 at 8:23 pm
[...] ’धड़ाधड़ महाराज’ तक पहुंचें धड़ाधड़ [...]
March 14, 2008 at 9:54 am
जगदीश जी, आप मेरे ब्लॉग पर आए अच्छा लगा
मैं आपकी बात से पूरी तरह सहमत हूँ
जो बात मैने अपने ब्लॉग पर बताई है वह काम यह टूल बार बखूबी करता है(तुरंत चित्ते खींचने का)
April 27, 2008 at 10:38 pm
sir,namaskar
yadi koi file word hindi me banate hai to kya publish hogi ya nahi kripaya batane ki kripa kare.
April 30, 2008 at 3:15 pm
[...] Comments atulgaur on ’धड़ाधड़ महाराज’ तक पहुंचें…manoj on दुनिया की सैर अब टूलबार प…manoj on [...]